आज भी उत्तराखंड में मौजूद हैं ‘बापू’, 88 साल पहले दी थी ये सौगात

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का उत्तराखंड से बेहद लगाव था. उनकी हमेशा कोश‍िश रहती थी कि वह साल में एक बार कम से कम उत्तराखंड जरूर आएं.

30 जनवरी यानी आज बापू की पुण्यतिथ‍ि है. इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आज भी गांधी जी उत्तराखंड के दिल में बसे हैं.

करीब 88 साल पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी देहरादून आए थे. जब वह यहां आए, तो उन्होंने एक सौगात यहां रोप दी, जो आज 88 साल बाद भी यहां मौजूद है.

यह सौगात उत्तराखंड‍ियों को न सिर्फ उनकी मौजूदगी का अहसास दिलाती है, बल्क‍ि यहां से गुजरने वाले हर शख्स का माथा भी उनके सम्मान में झुक जाता है.

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यह पेड़ महात्मा गांधी ने रोपा था

दरअसल 88 साल पहले देहरादून की राजपुर रोड पर बापू ने एक पेड़ रोपा था. 17 अक्टूबर, 1929 को बापू किसी सम्मेलन में शामिल होने के लिए देहरादून पहुंचे हुए थे.

इसी दौरान उन्होंने यहां राजपुर रोड के शहंशाई आश्रम के पास एक स्थान पर पीपल का पेड़ रोपा था. उनका रोपा हुआ यह पेड़ आज भी यहां मौजूद है.

स्थानीय लोग बापू की पुण्यत‍िथ‍ि और उनकी जयंती पर इस पेड़ के सामने सिर नवाजते हैं. हालांकि सरकार की अनदेखी की वजह से कई बार यह पेड़ सूखने की कगार पर भी पहुंच गया है.

लेक‍िन स्थानीय लोगों ने इसका रखरखाव करने का जिम्मा उठाया और आज 88 साल बाद भी इस पेड़ को हरा-भरा रखने में यहां के स्थानीय लोगों की अहम भूम‍िका है.

बापू का सिर्फ देहरादून से ही नहीं, बल्क‍ि उत्तराखंड के कौसानी से भी काफी पुराना नाता है. अब यहां एक गांधी आश्रम भी बन चुका है. उन्होंने कौसानी को भारत का स्व‍िट्जरलैंड करार दिया था.

उत्तराखंड सरकार ने भी क‍िया बापू को याद 

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