ये न होते तो आज बंद हो चुका होता आपका ‘फेसबुक’

दुनिया के करीब 1.5 अरब लोग हर दिन अपने 24 घंटों में से 1 घंटा 20 मिनट फेसबुक पर बिताते हैं. इससे फेसबुक हर दिन 576 अरब रुपये की कमाई करती है.

फेसबुक दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा विजिट की जाने वाली वेबसाइट बन चुकी है और इसकी वैल्यू 35.64 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की हो चुकी है.

आज हर किसी की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुकी ये वेबसाइट बंद हो चुकी होती, अगर इसके संस्थापक मार्क जुकरबर्ग उत्तराखंड में नीम करोली बाबा से मिलने न आए होते.

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थ‍ित कैंचीधाम आश्रम की स्थापना नीम करोली बाबा ने की थी. बाब हनुमान के भक्त थे और यहां भी आपको हनुमान जी का मंदिर देखने को मिलेगा. उनके चमत्कार के किस्से पूरी दुनिया में फैले हुए हैं.

ऐप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स वैराग्य अपनाने की ख्वाहिश लेकर कैंचीधाम आश्रम पहुंचे थे. लेक‍िन नीम करोली बाबा ने उन्हें एक ऐसा मंत्र दिया, जिसकी बदौलत उन्हेांने दुनिया की सबसे अमीर कंपनियों में से एक ऐप्पल को खड़ा कर दिया.

इसके बाद 2004 में मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक की शुरुआत की. शुरुआती दौर में फेसबुक का प्रदर्शन और लोगों का इसके प्रति रुझान कुछ खास नहीं रहा.

इससे परेशान होकर 2007 के दौरान मार्क ने इसे बंद करने की ठान ली थी. लेक‍िन ऐसा होने से बच गया क्योंकि स्टीव जॉब्स ने उन्हें कैंचीधाम आश्रम में जाने का सुझाव दिया.

मार्क कैंचीधाम आश्रम आए और वह यहां करीब दो हफ्तों तक रहे. इस दौरान उन्होंने न सिर्फ उत्तराखंड की प्रकृत‍ि को सराहा, बल्क‍ि उन्होंने आश्रम में नीम करोली बाबा के प्रवचन भी सुने और उनका आर्श‍िवाद भी प्राप्त किया है.

हालांकि मार्क को हमेशा इसका अफसोस रहा कि वह नीम करोली बाबा से मिल नहीं पाए. यहां से मार्क जब वापस अपने देश अमेरिका लौटे, तो उनमें नई ऊर्जा थी और इसी ऊर्जा की बदौलत उन्होंने फेसबुक को नया जीवनदान दिया.

सिर्फ स्टीव और मार्क ही नहीं, बल्क‍ि हॉलीवुड की प्रसिद्ध अभ‍िनेत्री जुलिया रॉबर्ट्स भी बाबा की भक्त हैं. नीम करोली बाबा और फेसबुक को कैसे उन्होंने जीवनदान द‍िया ये आप नीचे द‍िए गए वीड‍ियो में भी देख सकते हैं.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.