‘चैता की चैत्वाई’ सुना तो जरूर होगा, इसके बारे में जानते कितना हैं आप

उत्तराखंड में और देश व दुनिया के जिन भी भागों में उत्तराखंडी रहते हैं, वहां चैता की चैत्वाली गीत धूम मचा रहा है. शादी-विवाह कार्यक्रम हो या फिर कोई छोटा-मोटा आयोजन, सब जगह आपको यह गीत सुनाई देगा.

यूट्यूब पर इसके कई वर्जन मौजूद हैं. लेक‍िन क्या आप जानते हैं कि अमित सागर पहले नहीं हैं, जिन्होंने इस गीत को गाया है.

इन्होंने गाया सबसे पहले
चैता की चैत्वाली सबसे पहले अमित सागर ने नहीं, बल्क‍ि उत्तराखंड के फेमस लोकगायक चंद्र सिंह राही जी ने गाया था. उन्होंने सबसे पहले इसे रिकॉर्ड किया था. उन्होंने पारंपर‍िक अंदाज में इस जागर को प्रस्तुत किया था.

राही जी ने बाकायदा ढोंर-थाली और ढोल-दमों के साथ इस जागर को गाया है. राही जी की आवाज में यह गीत आपको यूट्यूब पर आसानी से मिल जाएगा.

किसने लिखा यह गीत
चैता की चैत्वाल या चैता की चैत्वाली दरअसल एक आछरी जागर है. यह जागर लोक गाथाओं और लोक परंपराओं का एक अहम हिस्सा है. इस जागर को उत्तराखंड के औजी सालों से गाते आ रहे हैं. औजी और चंद्र सिंह राही जी की बदौलत ही आज की पीढ़ी भी इस जागर से रूबरू हो रही है.

इनका ‘चैता की चैत्वाली’ सुना आपने
चैता की चैत्वाली को अमित सागर ने एक अलग अंदाज में गाकर और उसमें आधुनिक संगीत का मिश्रण कर उसे युवाओं के बीच काफी पसंदीदा बना दिया है. लेक‍िन सिर्फ अमित ही नहीं हैं, जिन्होंने इस जागर को गाया है.

आप इस जागर को लोकगायक व निर्देशक अनिल बिष्ट की आवाज में भी सुन सकते हैं. उन्होंने भी ‘चैता की चैत्वाल’ को ढोल-दमो की थात पर गाया है. येे भी आपको थि‍रकने पर मजबूर कर देगा.

YouTube पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाला गीत है ये
चैता की चैत्वाई के व्यूज 70 लाख का आंकड़ा पार कर चुके हैं. इसी के साथ ही यह गीत YouTube पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाला उत्तराखंडी गीत बन चुका है.

इससे पहले यह रिकॉर्ड किसन महिपाल के ‘फ्यों‍लड़िया’ गीत के नाम था. फिलहाल फ्योंलड़िया 66 लाख व्यूज के साथ दूसरे नंबर पर है.

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