उत्तराखंड की खातिर यूपी छोड़ने को तैयार हैं ये लोग

बिजनौर. उत्तराखंड में आजकल एक विषय पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है और वो है पलायन. एक तरफ जहां उत्तराखंड के लोग अपने गांव छोड़कर शहर की ओर पलायन कर रहे हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश के कुछ गांव उत्तराखंड में शामिल होना चाहते हैं.

उत्तराखंड की सीमा से लगने वाले बिजनौर जिले के 185 गांव उत्तराखंड राज्य का हिस्सा बनना चाहते हैं. उनकी यह मांग लंबे समय से चली आ रही है.

अब उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से उम्मीद जताई है. गांवों के लोगों का कहना है कि साल 2000 में जब उत्तराखंड यूपी से अलग हुआ, तब से ही उनकी अनदेखी हो रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों में उनके गांवों के मुकाबले बेहतर सुविधाएं हैं. कई सालों से ग्रामीणों की इस मांग को सीमावर्ती संघर्ष समिति उठा रही है.

मौजूदा समय में यूपी और उत्तराखंड, दोनों ही जगह भाजपा की सरकार है. ऐसे में ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी मांग पूरी की जाएगी. पिछले दिनों इन गांवों का एक प्रतिनिधिमंडल भी योगी आदि‍त्यनाथ से मिला था.

इन्होंने भी योगी के सामने सालों से चली आ रही अपनी मांग को दोहराया. इस पर यूपी सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी.

हर गांव की तरह इन गांवों की भी अपनी कई समस्याएं हैं. ये समस्याएं पानी की किल्लत और बेहतर सड़कों से लेकर बैंक‍िंग सेवा तक है.

ऐसे में ग्रामीण चाहते हैं कि उन्हें उत्तराखंड में शामिल कर दिया जाए. ताकि उन्हें भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंं, जैसे क‍ि उत्तराखंड के मौजूदा सीमावर्ती गांवों को म‍िल रही हैं.

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