उत्तराखंड का राज्य गीत…

उत्तराखंड देवभूमि-मातृभूमि
शत्-शत् वंदन अभ‍िनंदन
दर्शन, संस्कृति, धर्म, साधना
श्रम रंजित तेरा कण-कण.
अभ‍िनंदन अभ‍िनंदन
उत्तराखंड देवभूमि….

गंगा-यमुना तेरा आंचल
दिव्य हिमालय तेरा शीश
सब धर्मों की छाया तुझ पर
चार धाम देते आश‍िष
श्री बदरी, केदारनाथ हैं
श्री बदरी, केदारनाथ हैं
कलियर, हिमकुंड अति पावन.
अभ‍िनंदन अभ‍िनंदन
उत्तराखंड देवभूमि….

अमर शहीदों की धरती है
थाती वीर जवानों की
आंदोलनों की जननी है ये
कर्मभूमि बल‍िदानों की
फूले-फले तेरा यश वैभव
तुझ पर अर्प‍ित है तन-मन
अभ‍िनंदन-अभ‍िनंदन
उत्तराखंड देवभूमि

रंगीली घाटी शौखों की या
मंडुवा झुंगुरा भट अन्न-धन
रुम-झुम-रुम-झुम, झुमैलो-झुमैलो
ताल, खाल, बुग्याल, ग्लेश‍ियर
दून तराई भाबर बण
भांट‍ि-भांटि लगै गुजर है चाहे
भांट‍ि-भांटि लगै गुजर है चाहे
फिर ले उछास भरै छै मैन
अभ‍िनंदन-अभ‍िनंदन
उत्तराखंड देवभूमि

गौड़ी-भैंस्यूंन गुंजदा गुठयार
ऐपण सज्यां हर घर हर द्वार
काम-धाण की धुरी बेटी ब्वारी
कला प्राण छन श‍िल्पकार
बण पुंगड़ा सेरा पंदेरो मां
बण पुंगड़ा सेरा पंदेरो मां
बंटणा छन सुख-दुख संग-संग
अभ‍िनंदन-अभ‍िनंदन
उत्तराखंड देवभूमि

कस्तूरी मृग, ब्रह्मकमल है
फ्यूंली, बुरांस, घुघती, मोनाल
रुम-झुम-रुम-झुम, झुमैलो-झुमैलो
ढोल नगाड़े, दमुवा हुड़का
रणसिंघा, मुरली सुर-ताल
जागर, हारुल, थड्या, झुमैलो
ज्वाड़-छपेली पांडव नर्तन.
अभ‍िनंदन-अभ‍िनंदन
उत्तराखंड देवभूमि

कुंभ, हरेला, बसंत, फूलदेई
उत्तरैणी कौथिग नंदा जात
सुमन, केसरी, जीतू, माधो
चंद्रसिंह वीरों की थात
जियारानी तीलू रौंतेली
जियारानी तीलू रौंतेली
गौरा पर गर्व‍ित जन-जन
अभ‍िनंदन-अभ‍िनंदन
उत्तराखंड देवभूमिuttrakhand map

 
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