बधाई हो… बकरी स्वयंवर संपन्न हुआ, ‘न्यौत्यारों’ को मिला ये तोहफा

टिहरी गढ़वाल के पंतवारी गांव में बकरी स्वयंवर राजी-खुशी से संपन्न हो गया है. इस सामूहिक विवाह के कार्यक्रम में आलिया और श्रद्धा (दोनों बकरियां) का विवाह कंगना नाम की भेड़ के साथ संपन्न हुआ. इस विवाह समारोह में 10 बकरियां और 5 भेड़ अपनी किस्मत आजमाने पहुंचे थे, लेक‍िन जोड़ी आलिया-श्रद्धा की ही कंगना के साथ बन पाई.

ऐसे चुना गया दुल्हा
‘दुल्हनों’ (बकरियों) को 5-5 ‘दुल्हों’ (भेड़ों) के बीच रखा गया. इसके बाद बकरी का रुझान जिसकी तरफ ज्यादा दिखा, उससे उनकी शादी करा दी गई. इस शादी में भी इंसानों के विवाह की तरह ही अग्न‍ि को साक्षी मानकर फेरे करवाए गए. सभी रीति-रिवाज पूरे होने के बाद आलिया-श्रद्धा और कंगना को विवाहित दंपति का दर्जा मिल गया.

बकरी पालन के गुर सिखाए
ये विवाह तो संपन्न हो गया, लेक‍िन विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे लोगों को यहां एक खास तोहफा दिया गया. और वो है बकरी पालन का व्यवसाय शुरू करने की टिप्स. लोगों को बताया गया कि किस तरह वे बकरी का दूध बेचकर अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं. इसके साथ ही यह भी बताया गया कि वे बकरी पालन के कारोबार को कैसे चला सकते हैं.

शामिल हुए कई विशेषज्ञ
स्थानीय लोगों को इसकी पूरी जानकारी देने के लिए कई विशेषज्ञ इस समारोह में शामिल हुए थे. इसमें लोगों को बकरी पालन के जरिये पलायन रोकने पर अंकुश लगाने की खातिर प्रोत्साहित किया गया.

हर वर्ष की तरह इस साल भी इस बकरी स्वयंवर का आयोजन ‘ग्रीन पीपुल’ नाम की संस्था ने किया है. यह संस्था पहाड़ों में पलायन रोकने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की खातिर काम करती है.

यह संस्था न सिर्फ बकरी स्वयंवर जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को बकरी पालन करने के लिए प्रोत्साहित करती है, बल्क‍ि यह संस्था गांव में ही स्वरोजगार की खातिर लोगों को प्रश‍िक्षण देने का काम भी करती है.

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