रोशन रतुड़ी: उत्तराखंड का वो लाल, जो दूसरों के चिरागों को रोशन करने में जुटा है

रोशन रतुड़ी भले ही उत्तराखंड में नहीं रहते, लेक‍िन वह राज्य में अपने काम की वजह से काफी ज्यादा लोकप्र‍िय हैं. हर उत्तराखंडी ने कभी न कभी उनके बारे में जरूर सुना होगा. रोशन रतुड़ी का नाम उत्तराखंड में इतना जाना-प‍हचाना है कि यहां उन पर एक गीत भी निकल चुका है.

दरअसल रोशन रतुड़ी ओमान और दुबई जैसे खाड़ी देशों में फंसे लोगों के लिए मसीहा हैं. अभी तक वह 500 से भी ज्यादा लोगों को यहां से स्वदेश भेजने में मदद कर चुके हैं. उत्तराखंड के इस हीरो से छिबड़ाट ने की एक खास बातचीत. नीचे इसी बातचीत के कुछ अंश हम आपको सामने पेश कर रहे हैं.

आपके बारे में कुछ बताइए?
मेरा जन्म टिहरी गढ़वाल के हिंडोलाखाल के एक गांव में हुआ. मेरी कर्मभूमिक दुबई है. यहां मैं ‘रोशन रतुड़ी क्लीन‍िंग सर्विस’ नाम से अपनी कंपनी चलाता हूं. इसके साथ ही मैं ‘रोशन रतुड़ी (RR) मानवता सेवा मिशन ‘ नाम से जरूरतमंदों की मदद के लिए काम करता हूं. मैं दुबई और ओमान में फंसे हर व्यक्त‍ि की मदद की कोश‍िश करता हूं.

कैसे करते हैं आप लोगों की मदद?
मैं ज्यादातर समय पर उन लोगों की मदद करता हूं, जो एजेंट के झांसे में आकर विदेशों में फंस जाते हैं. इसके अलावा मैं उनकी मदद के लिए भी तत्पर रहता हूं, जिनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया है. मेरी कोश‍ि‍श धर्म, जाति, क्षेत्र और देश की सीमाओं से परे होकर हर जरूरतमंद की मदद करने की रही है और हमेशा रहेगी. फिर कोई उत्तराखंड से हो या फिर पाकिस्तान से.

आपकी फीस क्या है?
मैं लोगों की मदद निस्वार्थ भाव से करता हूं. इसलिए मैं किसी से भी किसी तरह की फीस नहीं लेता. अपना घर चलाने के लिए मेरा अपना कारोबार है, जो काफी अच्छा चल रहा है. कई बार ऐसी नौबत भी आई है, जब मैंने अपनी जेब से पैसे खर्च क‍िए हैं, लेकिन मुझे ऐसा करने में खुशी होती है क्योंकि इससे हर जरूरतमंद की मदद हो जाती है.

आप ने अभी तक कहां-कहां के लोगों की मदद की है?
मेरे पास जब कोई शख्स मदद मांगने आता है, तो मैं उसकी जाति, धर्म व देश नहीं देखता. अब तक मैंने उत्तराखंड के अलावा तमिलनाडु, ओडिशा समेत पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों के कई लोगों की मदद की है.

निजी जीवन के बारे में कुछ बताइए?
फिलहाल तो मैं दुबई में एक सफल कारोबारी हूं. जरूरतमंदों की मदद करता हूं और आगे भी करते रहना चाहता हूं. मैं हमेशा मानव सेवा करना चाहता हूं. इसलिए मैंने विवाह न करने का फैसला लिया है. मेरे मां-पिताजी अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेक‍िन मेरे भाई व उनका परिवार देहरादून में रहता है.

आप तक कैसे पहुंचा जा सकता है?
अगर किसी का भी सगा- संबंधी दुबई और ओमान में फंसा हुआ है, तो मुझसे संपर्क किया जा सकता है. इसके लिए लोग चाहें तो मेरे फेसबुक पेज के जरिये मुझसे संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा मैंने कई जगह पर अपना नंबर भी दिया है. आप उस पर कॉल कर भी मुझ तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं.

(साभार: ख‍िला सेमवाल)

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