पलायन रोकने के लिए हो रही इस कोश‍िश की तारीफ होनी चाहिए…

उत्तराखंड में पलायन की समस्या पर हाल ही में पलायन आयोग ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है. इस रिपोर्ट पर हो रही चौतरफा चर्चा के बीच एक अच्छी कोश‍िश भी हुई है.

कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने सरकार की ‘होम स्टे’ योजना से राज्य में पलायन रोकने की अनोखी कोश‍िश की है. केएमवीएन ने पिथौरागढ़ जिले में यह योजना शुरू की है.

होम स्टे योजना के तहत 75 घरों को विकसित किया गया है. ये घर यहां अलग-अलग गांव में विकसित किए गए हैं. निगम ने न सिर्फ इन घरों का पुनर्निर्माण किया है, बल्क‍ि यहां आने वाले पर्यटकों के लिए रजाई-गद्दे और बेड देने का इंतजाम भी किया है.

इस योजना के बूते न सिर्फ यहां के लोग कमाई कर पा रहे हैं, बल्क‍ि हिमालयी क्षेत्र से सटे इन गांवों में रोजगार के मौके भी पैदा हो रहे हैं. केएमवीएन इस योजना के तहत 500 से ज्यादा घरों को विकसित करने की तैयारी कर रहा है. इनमें से 87 घरों का रजिस्ट्रेशन कर दिया गया है.

यही नहीं, केएमवीएन इस योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए लोगों को प्रश‍िक्षण भी देगा. इस योजना के तहत पर्यटक चीन-तिब्बत सीमा से लगे दारमा और ब्यास घाटियों में जा पाएंगे.

यहां वे न सिर्फ ग्रामीण जनजीवन का नजदीकी से अनुभव कर पाएंगे, बल्क‍ि यहां की खूबसूरती का आनंद भी ले पाएंगे.

बता दें कि पिछले महीने ही पलायन आयोन ने राज्य में पलायन को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपी है. इसमें राज्य में पलायन को लेकर कई चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. यहां क्ल‍िक करें पढ़े पूरी रिपोर्ट.

वीडियो में देखें किस तरह उत्तराखंड को खोखला कर रहा है पलायन

 

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