जंगलों की आग से ग्लेश‍ियरों को भी खतरा, बिगड़ सकते हैं हालात

उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग थमने का नाम नहीं ले रही है. जंगलों की यह आग राज्य के 8 जिलो में फैल गई है. वन में लगी इस भयावह आग से ग्लेश‍ियरों के पिघलने का खतरा भी पैदा हो गया है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसकी वजह से बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड निकल रही है.

वैज्ञानिकों का कहना है, ” जंगलों में निकली आग से जो राख और सूक्ष्म कण निकल रहे हैं, ये ग्लेश‍ियारों से चिपक रहे हैं.

इनकी वजह से ग्लेश‍ियर पिघलने का खतरा पैदा हो गयगा है.” उन्होंने चेताया कि अगर जल्द ही जंगल की इस आग पर काबू नहीं पाया गया, तो हालात काफी ज्यादा बिगड़ सकते हैं.

हिमालय का अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक डॉ. डीपी डोभाल ने आजतक से बातचीत में कहा कि जिस तरह उत्तराखंड के जंगल चौतरफा आग से धधक रहे हैं उससे पूरे क्षेत्र का वातावरण गर्म हो रहा है. यह ग्लेश‍ियरों के लिए कतई शुभ संकेत नहीं है.

बता दें कि मई महीने की शुरुआत से ही उत्तराखंड के जंगलों में हालात काफी ज्यादा बिगड़ गए हैं. लाखों हेक्टेयर की वन संपदा का नुकसान हो चुका है. राज्य सरकार ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है, लेक‍िन अभी भी आग पर काबू नहीं पाया गया है.

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