उत्तराखंड के इस गांव में बिजली नहीं, लेकिन इंटरनेट पहुंच गया है…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही ये कहें कि उन्होंने हर गांव को बिजली पहुंचाकर रोशन कर दिया है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं है. उत्तराखंड के कई गांव आज भी बिजली से वंच‍ित हैं. ऐसा ही एक गांव है, घेस. गढ़वाल मंडल के इस गांव में बिजली सालों से नहीं पहुंची है, लेकिन यहां इंटरनेट पहुंच चुका है.

राज्य सूचना प्रसारण विकास एजेंसी (ITDA) ने यहां वाई-फाई नेटवर्क का इंतजाम कर लिया है. इसके लिए यहां सौर ऊर्जा पर चलने वाला नेटवर्क इंस्टॉल किया गया है.

गांव में इंटरनेट पहुंचने का ही फायदा है कि अब यहां के बच्चे स्कूल में प्रोजेक्टर पर पढ़ाई करते हैं. जिन विषयों के लिए गांव में श‍िक्षक नहीं हैं, उन्हें अब इंटरनेट की मदद से पढ़ाया जाता है. यह वाई-फाई नेटवर्क श‍िक्षक की कमी को भी पूरा करने का काम कर रहा है.

इंड‍ियन एक्सप्रेस के मुताबिक स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (SWAN) के अध‍िकारी देहरादून से 300 किलोमीटर का सफर तय कर घेस गांव पहुंचे. यहां उन्होंने इंटरनेट कनेक्शन स्थापित करने की संभावना तलाशी.

एक अध‍िकारी ने अखबार से बात करते हुए बताया, ”हमें नहीं पता था कि हम कहां से शुरू करें. घेस एक ऐसा गांव था, जहां इंटरनेट कनेक्शन दे पाना हमारे लिए असंभव सा था. लेक‍िन हमने फिर भी कोश‍िश की और संभावनाएं तलाशीं.”

लेकिन इन अध‍िकारियों की कोशिश रंग लाई और आख‍िरकार एक महीने बाद घेस और इसके नजदीकी गांवों में आरएफ एंटेना लगाए गए.

ये एंटेना यहां लगे सौर ऊर्जा से चलने वाले 2 केवीए इनवर्टर्स से चलते हैं. घेस के अलावा यहां आसपास के अन्य गांव भी इसका फायदा उठा रहे हैं. इसमें 34 लाख रुपये का पूरा खर्च आया.

इस सफलता के बाद इन अध‍िकारियों को दूसरे गांवों में भी इंटरनेट पहुंचाए जाने के लिए कॉल किए जा रहे हैं. इससे उम्मीद है कि आने वाले समय में राज्य के अन्य गांवों में बिजली पहुंचे चाहे न पहुंचे, लेक‍िन इंटरनेट जरूर पहुंच जाएगा.

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