भारी बारिश ने रोकी उत्तराखंड की रफ्तार, 11 और 12 जुलाई को हाई अलर्ट

उत्तराखंड में बारिश का कहर एक बार फिर शुरू हो गया है. पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, टिहरी गढ़वाल समेत राज्य में कई जगहों पर मलबा गिरने से कई सड़कें बंद हो गई हैं.

इसके अलावा लगातार जारी भारी बारिश की वजह से यहां जनजीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है. सोमवार रात हुई बारिश से कपकोट नगर पंचायत में भूस्खलन हो गया. इसके चलते यहां चार वाहन मलबे में दब गए.

मौसम विभाग ने 11 और 12 जुलाई को भारी बारिश होने का अनुमान जताया है. मौसम विभाग के मुताबिक 11 और 12 तारीख को कुमाऊं मंडल में भारी बरसात होने के आसार हैं. इस अलर्ट के बाद राज्य के चंपावत समेत अन्य जगहों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. कई जगहों पर स्कूल की छुट्ट‍ियां कर दी गई हैं.

बागेश्वर में सड़कें बंद:
भारी बारिश के चलते बागेश्वर जिले में 13 से भी ज्यादा सड़कें बंद पड़ गई हैं. सरयू नदी उफान पर है. इसके चलते मंगलवार को पंपिंग योजनाएं बंद रही. इसका असर यहां के जनजीवन पर भी देखने को मिला. लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

पि‍थौरागढ़ में भी भारी बारिश हुई. यहां गोरी नदी के उफान भरने की वजह से बालीबगड़ को जोड़ने वाले दो पुल बह गए. इसके बाद 10 गांवों को जोड़ने के लिए अब एकमात्र ट्रॉली का सहारा रह गया है.

उफान पर नैनी झील:
नैनीताल में मंगलवार को हुई बारिश के चलते नैनी झील का जलस्तर भी बढ़ गया है. सोमवार को जहां जलस्तर माइनस 1.35 फुट था. यह मंगलवार को बढ़कर माइनस 1.20 फुट पर पहुंच गया है.

कुल 52 सड़कें बंद:
उत्तराखंड में भारी बारिश के चलते राज्य में 52 से ज्यादा सड़कों पर ब्रेक लग गया है. इसके बाद प्रशासन ने जिला अध‍िकारियों को अलर्ट रहने का आदेश दे दिया है. मौसम विभाग ने भारी बारिश का अनुमान लगाने के साथ ही तीर्थ यात्राओं पर भी ब्रेक लगाने का सुझाव दिया है.

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