अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म से ही चमकने लगा है ये उत्तराखंडी सितारा

मराठी फिल्म सैराट की हिंदी रीमेट धड़क एक हफ्ते से ज्यादा समय पहले रिलीज हो चुकी है. यह फिल्म न सिर्फ कमाई के मामले में झंडे गाड़ रही है, बल्क‍ि फिल्म के मुख्य किरदार भी काफी सुर्ख‍ियां बटोर रहे हैं. फिल्म में ईशान ठक्कर और श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर के अलावा अंक‍ित बिष्ट भी हैं. इन्होंने फिल्म में ईशान के दोस्त का किरदार निभाया है. उत्तराखंड से नाता रखने वाले अंक‍ित बिष्ट से छ‍िबड़ाट ने की खास बातचीत.

उत्तराखंड में आप कहां से आते हैं?
मैं उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले का रहने वाला हूं. मेरे गांव का नमा डमुंड है. हालांकि मेरा जन्म और पढ़ाई-लिखाई दिल्ली में ही हुई है. लेक‍िन हम हमेशा अपने गांव आते-जाते रहते हैं. हम कितने भी बड़े क्यों न बन जाएं, लेकिन अपने गांव जाना कभी नहीं भूलेंगे.36469416_1753163671430119_2229571970654011392_n

धड़क कैसे मिली?
मैं थियेटर करता था. तकरीबन 5 साल तक मैंने दिल्ली में थियेटर किया. इसके बाद पिछले साल ही मैं मुंबई आया. यहां मैं एड फिल्म्स में काम करता था. धड़क में रोल हासिल करने के लिए मुझे दो बार ऑड‍िशन देना पड़ा. पहले कास्ट डायरेक्टर ने मेरा ऑड‍िशन लिया. इसके बाद धर्मा प्रोडक्शन के ऑफिस जाकर ऑड‍िशन दिया. धर्मा प्रोडक्शन के ऑफ‍िस में ऑड‍िशन के दौरान फिल्म के निर्देशक शशांक खेतान और साथी कलाकार जाह्नवी कपूर और ईशान ठक्कर भी मौजूद थे. सबको मेरा ऑड‍िशन काफी पसंद आया. और इस तरह फिल्म में मेरा रोल कन्फर्म हुआ.36761980_1760650607348092_5669049890882191360_n

जाह्नवी-ईशान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
शूटिंग के दौरान सेट पर कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि मैं बड़े कलाकारों के साथ काम कर रहा हूं. हम काफी अच्छे दोस्त बने हैं. सेट पर भी हम खूब मस्ती करते थे. जाह्नवी और ईशान आज भी याद करते हैं. हम आज भी साथ चलते हैं और घूमने-फिरने जाते हैं. तो मैं कहूंगा क‍ि उनके साथ काम करने का अनुभव काफी अच्छा रहा.25158162_1548970538516101_5078952010875736964_n

गांव की याद आती है या नहीं?
उत्तराखंड से कभी दूर हुआ ही नहीं जा सकता है. गांव की याद हमेशा दिल में रहती है. घर में जब भी कोई पूजा या आयोजन होता है, तो हम अपने गांव जरूर जाते हैं. हालांकि पलायन की वजह से गांव धीरे-धीरे खाली हो रहे हैं. इसकी वजह से यहां अब सूनापन ज्यादा हो गया है. खैर, हम भी तो मजबूरन पलायन कर शहरों में आए हुए हैं. सरकार को यहां की परेशान‍ियों को खत्म करने पर ध्यान देना होगा, तो ही यहां लोग ठहर सकते हैं.31092143_1675187905894363_4939719046217072640_n

उत्तराखंडी गीतों को सुनते हैं या नहीं?
हां. उत्तराखंडी गीतों को सुनकर ही तो मैं बड़ा हुआ हूं. मेरे पसंदीदा गायक नरेंद्र स‍िंह नेगी जी हैं. उनके गीतों का मुकाबला कोई नहीं कर सकता है. आज भी उत्तराखंडी गीतों और कार्यक्रमों में शरीक होने मैं जरूर जाता हूं.

आप एक्टर ही बनना चाहते थे या कुछ और?
नहीं. मैं तो चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान पढ़ाई के बीच मैं थ‍ियेटर से जुड़ गया. शुरुआत में शौक‍िया तौर पर मैंने थ‍ियेटर में काम करना शुरू किया, लेक‍िन बाद में यह काफी ज्यादा पसंद आया. ऐसा करते-करते 5 साल तक थियेटर किया. इस दौरान सीए की परीक्षा भी नहीं दी और इस तरह करीयर की पूरी दिशा ही बदल गई.1901773_600639296682568_1309180974_n

धड़क के बाद नई फिल्म साइन की है या नहीं?
फिलहाल एक दो प्रोजेक्ट को लेकर बात चल रही है. जल्द ही कुछ तय हो सकता है.

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