इंजीनियरिंग छोड़ किया पहाड़ का रुख, आज कमाते हैं लाखों

पहाड़ में क्या रखा है. यहां न रोजगार है और न ही स्वरोजगार शुरू करने का कोई मौका. तुम शहर चले जाओ. होटल में बर्तन भी धोओगे, तो भी परिवार का पेट पाल लोगे. पहाड़ में रहकर कुछ नहीं होने वाला.

ये वो शब्द हैं, जो लगभग पहाड़ में रहने वाले हर युवा को सुनने पड़ते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे युवा के बारे में बता रहे हैं, जिसने 70 हजार रुपए महीने की सैलरी छोड़ पहाड़ चढ़ने का फैसला लिया.

शुरुआती संघर्ष के बाद आज यह युवा अपने पुश्तैनी घर में बैठ कर ही हर महीने 2 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर रहा है. चाह हो तो राह मिल ही जाती है. ये साबित कर दिखाया है उत्तराखंड के हरिओम नौटियाल ने.

हरिओम सॉफ्टेवयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे. लेकिन उन्होंने हर महीने 70 हजार रुपए की सैलरी लेने की बजाय पहाड़ चढ़ने का फैसला लिया. उन्होंने पहाड़ चढ़ने का हौसला बांधा और अपने गांव में डेयरी का बिजनेस शुरू कर दिया.

अपने गांव बड़कोट में ही उन्होंने अपने घर से डेयरी बिजनेस की शुरुआत की. कारोबार शुरू करने के दौरान उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

कमाई भी ना के बराबर थी. लेकि‍न धीरे-धीरे उन्होंने अपने कारोबार को रफ्तार दी और अपने परिवार की मदद से इसे सफल बनाया.

इसी का परिणाम है कि आज उन्होंने अपने डेयरी बिजनेस के कारोबार का दायरा बढ़ा दिया है. अब उन्होंने पॉल्ट्री, जाम-अचार बनाने की फैक्ट्री भी लगा दी है.

यहां बिजनेस चला कर वह न सिर्फ खुद लाखों की कमाई कर रहे हैं, बल्क‍ि कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. वह डेयरी उद्योग शुरू करने के इच्छुक लोगों को ट्रेनिंग भी देते हैं.

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