कोई भी वोट डालने से ना छूटे, इसलिए बच्चों ने उठाया ये कदम

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग हो चुकी है। पहले चरण पर आपने नेताओं की वोट डालते वक़्त तस्वीरें देखी होंगी… लेकिन क्या आपने इन युवाओं का जज्बा देखा, जिन्होने अपंग और चलने में असमर्थ बुजुर्गों को अपना अमूल्य वोट देने में मदद की। इनकी इस पहल को अब पूरा गांव सराह रहा है।

ये घटना उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले की घनसाली तहसील में आने वाले बजिन्गा गांव की है। यहां कुछ बच्चों ने एक अनोखी पहल की। इन्होंने बुजुर्गों को अपने कंधे पर बिठाकर पोलिंग बूथ पर पहुंचाया और फिर उन्होंने अपना अमूल्य वोट दिया। इस दौरान इन बच्चों ने अपने गांव के कम से कम 7 लोगों को बूथ तक पहुंचाया।

बच्चों ने वोटर्स को जागरूक भी किया

बच्चों ने वोटर्स को जागरूक भी किया

इस सराहनीय पहल से जुड़े दीपक मैठाणी ने बताया कि हम चाहते थे कि हमारे गांव का हर व्यक्ति वोट डाले। इसके लिए हमने अपने गांव के सभी लोगों को जागरूक भी किया। इसी दौरान कुछ बुजुर्गों ने वोट देने की इच्छा तो जताई पर बूथ तक पहुंचने में असमर्थता जताई। इस पर दीपक मैठाणी और अन्य बच्चों ने ऐसे बुजुर्गों को पीठ पर उठाकर पोलिन्ग बूथ तक पहुंचाने का फैसला किया। 

ये बच्चे इस प्रयास में काफी हद तक सफल भी हुए। इन बच्चों  ने चलने में असहाय बुजुर्गों को मतदान केंद्र तक पहुंचाया। इस पहल से जुड़े विवेकानंद मैठाणी बताते हैं कि गांव के बच्चों ने मिलकर एक बाल संस्था ‘बाल विकास संगठन’ बनाया है। सब बच्चे इसी संस्था के मातहत समाज सेवा का काम करते हैं।

बच्चों ने मतदान के लिए रैली निकाली

बच्चों ने मतदान के लिए रैली निकाली

बता दें की घनसाली तहसील टिहरी लोक सभा सीट के तहत आता है। तहसील का बजिन्गा गांव बाज़ार से काफी दूर है और यहां पोलिंग बूथ तक पहुंचने के लिए ३ किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ता है। इन बच्चों के इस प्रयास को देखते हुए गांव में इनकी काफी तारीफ हो रही है। 

Leave a Reply