ऊंची जाति के लोगों के सामने खाना खाया, मिली मौत

उत्तराखंडी लोगों की पहचान वैसे देश और दुनिया में सबसे शांत और ईमानदार लोगों के रूप में होती है, लेकिन टिहरी की एक घटना ने इस परिभाषा को झुठला दिया है। टिहरी जिले के नैनबाग इलाके के श्रीकोट गांव में एक दलित को इतना पीटा गया कि उसकी मौत हो गई। 

दरअसल दलित युवक, जिसकी उम्र महज २३ साल थी। उसका गुनाह सिर्फ इतना था कि उसने ऊंची जाति के लोगों के साथ कुर्सी में बैठ कर खाना खाया। ऊंची जाति के कुछ लोगों को ये रास नहीं आया। और उन्होंने जितेंद्र की पिटाई शुरू कर दी। 

ऊंची जाति का दंभ भरने वाले इन लोगों ने उसे इतना पीटा कि वह एक हफ्ते से भी ज्यादा समय जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ता गया। और आखिर में उसकी मौत हो गई। मृतक की बहन कि शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

मृतक युवक जितेंद्र के चाचा एलमदास ने बताया कि 26 अप्रैल को श्रीकोट गांव निवासी प्रदीप पुत्र कालिया दास की शादी थी। रात को ललोटना गांव से बारात लौटी। यहां रात में शादी की पार्टी रखी गई। इस शादी में सभी वर्ग के लोग शामिल हुए।

इसी दौरान दूल्हे के रिश्ते का चाचा जितेंद्र कुर्सी पर बैठ कर खाना खाने लगा। वहां मौजूद ऊंची जाति वाले लोगों को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने जितेंद्र की कुर्सी पर लात मार कर उसे गिरा दिया।

जब वह अचानक गिरा तो उसकी थाली से खाना इन गुंडों की शर्ट पर गिर पड़ा। इस पर उन्होंने उसकी पिटाई कर दी। जितेंद्र की हालत बहुत खराब हो गई। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। रविवार सुबह जितेंद्र ने दम तोड़ दिया। 

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