केदारनाथ की जिस गुफा में पीएम मोदी ठहरे, उसकी खासियत जान दंग रह जाएंगे

रुद्र गुफा में पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एकबार फिर शानदार जीत हुई है। चुनाव के नतीजे आने से पहले पीएम मोदी बाबा केदारनाथ का आशिर्वाद लेने पहुंचे थे। और बाबा केदार की उन पर कृपा भी हुई है। लेकिन पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान दो चीजों ने दुनिया का ध्यान खींचा। एक, जिस गुफा में उन्होंने ध्यान लगाया। दूसरी, जो परिधान उन्होंने पहना था।

रुद्र गुफा में पीएम मोदी

रुद्र गुफा में पीएम मोदी

शुरुआत करते हैं गुफा से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गुफा में १७ घंटे ध्यान लगाया। ये गुफा कई मायनों में खास है। ये एक प्राकृतिक गुफा है। इसका इस्तेमाल एकांत में रहने और ध्यान लगाने के लिए किया जाता है।  गढ़वाल मण्डल विकास निगम की वेबसाइट पर आपको इस गुफा के बारे में सारी जानकारी मिल जाती है।

रुद्र गुफा केदारनाथ मंदिर से १ किलोमीटर ऊंचाई पर है

रुद्र गुफा केदारनाथ मंदिर से १ किलोमीटर ऊंचाई पर है

जिस गुफा में पीएम मोदी ठहरे थे। इस गुफा का नाम रुद्र ध्यान गुफा है। केदारनाथ धाम से यह करीब एक किलोमटर ऊंचाई पर है। इस गुफा का मुंह केदारनाथ मंदिर की तरफ खिलता है। यानी इस गुफा में रहते हुए भी आप सीधे बाबा केदार के दर्शन करते हैं। यह गुफा वैसे तो प्राकृतिक है, लेकिन इसके बाहरी हिस्से को स्थानीय पत्थरों से तैयार किया गया है। इससे यह घरनुमा हो जाती है। इस पर लकड़ी का दरवाजा भी लगा हुआ है। 

गुफा में क्या है खास?

गढ़वाल विकास मंडल निगम की वेबसाइट के मुताबिक गुफा में वाई-फाई लगा हुआ है। इससे आप यहां बैठकर इंटरनेट चला सकते हैं। इसके भीतर आपको बिजली और पीने का पानी भी मिल जाता है। यही नहीं, अगर आप इस गुफा में ठहरते हैं तो आपको सुबह की चाय, नाश्ता, दोपहर का खाना, शाम की चाय और रात का खाना भी मिलता है। यही नहीं, गुफा के पास एक अटेंडेंट भी मौजूद रहता है। जिसे आप गुफा में रखी घंटी बजाकर भीतर बुला सकते हैं। आपातकालीन स्थिति में निगम के मैनेजर से संपर्क भी यहां से साधा जा सकता है।

गुफा के अंदर का दृश्य

गुफा के अंदर का दृश्य

 

इस गुफा को कोई भी शख्स बुक कर सकता है। जिस शख्स को गुफा में रहना है, उसे  बुकिंग की तारीख से दो दिन पहले गढ़वाल मण्डल विकास निगम के गुप्तकाशी स्थित कार्यालय में रिपोर्ट करवाना होता है। शख्स की मेडिकल जांच भी करवाई जाती है। अगर शख्स मेडिकली फिट पाया जाता है, तो ही उसे इस गुफा में रहने की अनुमति मिलती है। इस गुफा में एक वक्त में एक ही शख्स ठहर सकता है।

कितने पैसे देने होंगे?
इस गुफा में ठहरने के लिए पहले 3000 रुपये का चार्ज तय किया गया था। यह चार्ज कम से कम तीन दिन के लिए होता है। अब इसकी कीमत 990 रुपये रखी गई है। निगम को उम्मीद है कि पीएम मोदी के यहां ठहरने के बाद लोग भी इस गुफा की बुकिंग करेंगे।

पीएम मोदी का पहनावा
अब बात करते हैं पीएम मोदी के पहनावे की। इस पहनावे ने भी सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरी। किसी ने इसे लद्दाखी बताया तो किसी ने गढ़वाली। पीएम मोदी ने जो पहनावा पहना था, यह जौनसारी पहनावा है। पहले पीएम मोदी जौनसारी ओवरकोट पहना था। उसके बाद जो काला ओवरकोट और पायजामा उन्होंने पहना था, उसे चोड़ा चंगेल कहते हैं। यह जौनसारी पहनावा है। केदारनाथ जैसी जगहों की ठंडी से बचने के लिए इसे पहना जाता है।

केदारनाथ में पीएम मोदी

केदारनाथ में पीएम मोदी

क्यों पहना ये पहनावा

ऐसा माना जाता है कि पांडव जब शंकर भगवान से मिलने जा रहे थे, तो वे जौनसार के रास्ते से ही उन्हें मिलने पहुंचे थे। इसलिए जौनसार का पहनावा पहनना एक तरह से बाबा केदार से मिलने और मनोकामना पूरी होने की तस्दीक करना है। 

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