कमली फिल्म की ‘कमली’ से आप मिले या नहीं?

उत्तराखंडी फिल्म ‘कमली’ उत्तराखंड की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों में से एक है। इस फिल्म को बनाया था हिमालयन फिल्म्स ने। इस फिल्म में अहम भूमिका निभाई थी प्राची पंवार ने। वो छोटी सी कमली यानि प्राची पंवार बड़ी हो गई हैं। हाल ही में कुछ गीतों में उन्होंने अभिनय भी किया, लेकिन आप उन्हें पहचान नहीं पाए। यहां हम आपको कमली के बारे में हर वो बात बताने वाले हैं जो आपको पता नहीं थी।

कहां है कमली?
जब कमली फिल्म आई थी, तब इस फिल्म ने उत्तराखंडियों के दिल में छाप छोड़ी थी। फिल्म को लेकर कुछ महीनों तक चर्चा होने के बाद इस फिल्म के कलाकार जैसे गायब ही हो गए, लेकिन कमली नहीं। कमली आज भी उत्तराखंडी सिनेमा से जुड़ी हुई हैं। कमली अपने परिवार के साथ देहरादून में रहती हैं। 17 साल की हो चुकी कमली का नाम प्राची पवार है। और आपको बता दें कि सिर्फ प्राची ही नहीं, बल्कि उनका लगभग पूरा परिवार उत्तराखंडी सिनेमा से जुड़ा हुआ है। परिवार के बारे में बताने से पहले जान लें कि प्राची हैं कहां से?

कमली का गांव
कमली और उनका परिवार टिहरी गढ़वाल से आता है। प्राची का परिवार कीर्ति नगर के करीब पड़ने वाले धारपयां कोटी गांव का है। कुछ सालों पहले इनका परिवार आकर मसूरी-देहरादून में रहने लगा। 

कमली का परिवार
कई उत्तराखंडी एलबमों में काम कर चुकीं मनीषा पंवार को आपने जरूर देखा होगा। मनीषा प्राची की बड़ी बहन हैं। प्राची के पिता का नाम जितेंद्र पंवार है। माता प्रिया पंवार हैं। कमली में जो गीत आपने सुने, वो गीत जितेंद्र पंवार ने ही लिखे हैं। जब सीडी का जमाना था, तब जितेंद्र पंवार ने कई गीत गाए हैं। जितेंद्र पंवार प्रीतम भरतवाण के करीबी मित्रों में से एक हैं। मनीषा पंवार की अक्टूबर में शादी होनी तय हुई है। परिवार में मनीषा, प्राची के अलावा छोटे भाई अमन भी हैं।

हाल में कौनसे गाने आए?
हाल ही में रूहान भारद्वाज का एक गीत ‘एक नजर’ आया है। इस गीत में प्राची ने अभिनय किया है। इसके अलावा औ सौंगिया गीत कुछ दिनों पहले ही आया है। इसमें भी प्राची ने अभिनय किया है। इसके अलावा प्राची टिकटॉक पर भी खबू वीडियोज बनाती हैं।

हिमालयन फिल्म्स कमली-२ लाने की बात तो कही थी, लेकिन अभी तक वैसा कुछ दिखा नहीं है। खैर, तब तक हम आपको उत्तराखंड के नये पुराने कलाकारों से मिलाते रहेंगे  ताकि उत्तराखंडी सिनेमा और इसके कलाकार किसी न किसी रूप में जिंदा रह सकें. क्योंकि सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता कि हमारी क्षेत्रीय सिनेमा खत्म हो रहा है। 

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