इंग्लैंड की ‘नंदा’ की बेल्जियम के ‘शिव’ से शादी

त्रियुगीनारायण में पिछले दिनों एक खास शादी हुई। बेल्जियम के शिवा नंद ने इंग्लैंड की एफ्रोडिएट से शादी रचाई। वो भी पहाड़ी रीति-रिवाज से। उनकी ये शादी काफी वायरल हुई। उनकी शादी के फोटोज सोशल मीडिया पर काफी शेयर किए गए। लेकिन शिव और एफ्रोडिएट का लक्ष्य सिर्फ उत्तराखंड में शादी करना भर नहीं था। बल्कि वे तो उत्तराखंड में एक बड़ा बदलाव लाने के लिए काम करना चाहते हैं।

शिवानंद और एफ्रोडिएट वैसे तो विदेशी हैं, लेकिन प्रकृति से उनका अथाह प्रेम उन्हें उत्तराखंड खींच लाया। इसीलिए इन्होंने अपने नाम में नंद जोड़ा है। प्रेम से ये खुद को शिवा और नंदा भी कहलाना पसंद करते हैं। दोनों ही शिव भगवान के भक्त हैं। दोनों ने ना सिर्फ पहाड़ी रीति-रिवाज से शादी की, बल्कि यहां की परंपराओं को अपने अंदर समेटा भी है। शादी के बाद एफ्रोडिएट नंदा सिंदूर लगाती हैं। हाथों में चूड़िया भी दिखती हैं। वहीं, शिवानंद के साथ मंदिरों में जाती हैं और पूजा अर्चन करती हैं।

एफ्रोडिएट और उनके पति शिवानंद ने पहाड़ को समझने के लिए ना सिर्फ गांवों का दौरा किया बल्कि यहां के लोगों से मिले और यहां की परंपराओं को आत्मसात भी किया। 

ये तो बात हो गई शिवा और एफ्रोडिएट की। लेकिन अब बात करते हैं कि इनके काम की। शिवा और एफ्रोडिएट दोनों ही योग में पारंगत हैं। दोनों ही प्रकृति प्रेमी हैं। एफ्रोडिएट पहाड़ो में फैल रही गंदगी के खिलाफ एक अभियान चला रही हैं। एफ्रोडिएट से जब हमने उनके अभियान को लेकर बात की, तो उन्होंने बताया कि जब वो पहाड़ और पहाड़ के गांवों में गए तो यहां उन्हें काफी ज्यादा प्लास्टिक कचरा फैला दिखा। एफ्रोडिएट कहती हैं कि इस प्लास्टिक से हमारे पहाड़ दूषित हो रहे हैं और ऐसे में जरूरी है कि इस प्लास्टिक को अपने पहाड़ों से हटाया जाए। 

फिलहाल एफ्रोडिएट 5 से 6 साल के लिए भारत का वीजा हासिल करने की कोशिश में जुटी हुई है। इसी साल मई या जून से वह अपने अभियान को आगे बढ़ाने का काम करेंगी।

एफ्रोडिएट ने पहाड़ों को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए फेसबुक पर एक फंड रेजिंग कैंपेंन शुरू किया है। इस कैंपेंन में आप भी डोनेशन दे सकते हैं। और क्यों उन्होंने ये कैंपेंन शुरू किया है, इसकी वजह भी आपको पता चल जाएगी। 

एफ्रोडिएट और शिवानंद का पहाड़ से प्रेम उन्हें यहां खींचकर लाया। आज जब हम अपनी शादियों में देशी बैंड-बाजा बजाना ज्यादा पसंद करते हैं तो वहीं, इंग्लैंड की नंदा और बेल्जियम के शिव हमारी परंपराओं को अपनाकर इन परंपराओं को जिंदा रखने का एक संदेश भी दे रहे हैं।

एफ्रोडिएट और शिवानंद की शादी पर बने वीडियो को देखें

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