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धगुली, हंसुली बच्चे अब पहनेंगे ही नहीं, पढ़ेंगे भी

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से एक किताब के कुछ पन्ने वायरल हो रहे हैं।गढ़वाली भाषा में कविताएं लिखी गई हैं। जब हमने पड़ताल की तो हमें जो पता चला वोआपके चेहरे पर एक बड़ी मुस्कान ला देगा।

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